राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रीयल एस्टेट सेक्टर में ग्रोथ को रिवाइव करने में सस्ते घरों के लिए सरकारी नीतियों की अहम भूमिका होगी। शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय में संयुक्त सचिव करण बीर सिंह सिद्धू ने रीयल एस्टेट ‘रिवाइविंग ग्रोथ फॉर रियल एस्टेट इन द नेशनल कैपिटल रीजन’ पर आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। सम्मेलन का आयोजन सीआईआई और क्रेडाई एनसीआर ने संयुक्त रूप से किया।
सिद्धू ने कहा कि 2022 तक सबको आवास मुहैया कराना भी नई सरकार का प्रमुख एजेंडा है। उन्होंने कहा कि साफ तौर पर तमाम फायदों के बावजूद हाउसिंग सेक्टर नियामकीय और नीतिगत मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ग्रोथ का कारण हाउसिंग सेक्टर द्वारा बड़े पैमाने पर पेश किए जा रहे निर्माण के अवसर है। निर्माण के यह अवसर टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से बढ़ रही आवास की मांग की वजह से मिल रहे हैं।
सीआईआई के नार्दन रीजन के चेयरमैन जुबीन ईरानी ने कहा कि रीयल एस्टेट सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है और अनुमान है कि 2025 तक इसका अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ कर दोगुना हो जाएगा। ईरानी का मानना है कि रीयल एस्टेट मार्केट चक्र में दिल्ली एनसीआर का बाजार मौजूदा समय में मुश्किल दौर से गुजर रहा है। रीयल एस्टेट की ग्रोथ को रिवाइव करने में भी इससे मदद मिलेगी। हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर देश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाले सेक्टरों में से एक है।
रिसर्जेंट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति प्रकाश गादिया ने कहा है कि रियल एस्टेट को अब इंडस्ट्री का दर्जा मिल गया है। उपभोक्ताओं की बचत का 30 फीसदी रीयल एस्टेट सेक्टर को जा रहा है। गादिया की राय थी कि रीयल एस्टेट में निवेश अवसरों को भुनाने का यह सही समय है। इस सेक्टर में मजबूती आने का मौका है, लेकिन जमीन का अधिग्रहण करने की लागत कम करने और सस्ते घर बनाने के लिए सुधार शुरू किए जाने चाहिए।