रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों से कहा है कि यदि एजूकेशन लोन चाहने वाले किसी आवेदक का घर उनके सेवा क्षेत्र में नहीं आता है तो भी वे उसके आवेदन को खारिज नहीं करें। शुक्रवार को जारी अधिसूचना में रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंक अपनी सभी शाखाओं और कार्यालयों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दें ताकि इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
रिजर्व बैंक को इस संबंध में काफी शिकायतें मिल रहीं थीं कि अपने सर्विस एरिया में आवेदक छात्रों का घर न होने पर बैंक एजूकेशन लोन का आवेदन अस्वीकृत कर देते हैं। रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के मामले में सर्विस एरिया संबंधी नियम लागू रहेगा।
रिजर्व बैंक के अनुसार 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंकों की ओर से 502 अरब रुपये की राशि शिक्षा ऋण के तौर पर दी गई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 437 अरब रुपये थी।