सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को बड़े कर्ज न दें। इस बाबत नए नियम भारतीय
रिजर्व बैंक ने नए नियम जारी कर दिए हैं। जानिए क्या कहा है आरबीआई ने?
भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों से कहा है कि वह सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को बड़े कर्ज न दें। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंकों का गठन मझोले और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देने के लिए किया गया है।
ऐसे में यह बात सामने आई है कि कई सहकारी बैंक बड़े राशि वाले कर्ज सार्वजनिक उपक्रमों को दे रहे हैं। रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक इस कवायद को बंद करें।
बुधवार को सभी शहरी सरकारी बैंकों के प्रमुखों को जारी निर्देश में रिजर्व बैंक ने कहा है कि इस बात के मामले सामने आए हैं, कि कुछ सहकारी बैंक सार्वजनिक उपक्रमों को किसी रूप में अपना सदस्य दिखाकर बड़ी राशि में कर्ज दे रहे हैं, जो कि सहकारी बैंकों के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।
रिजर्व बैंक के अनुसार सहकारी बैंक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र, छोटे कारोबारी और कम आय वर्ग वाले लोगों को कर्ज देना है।