देश के तमाम स्टॉक एक्सचेंजों में मजबूती के बावजूद नियामकीय व जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रही कुछ कंपनियों के शेयर गिरते रहे। नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) हो, केपी सिंह के स्वामित्व वाली रीयल्टी कंपनी डीएलएफ हो या एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया हो। इन सभी कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंज पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कोल आवंटन मामले में जेएसपीएल के खिलाफ सीबीआई द्वारा जांच में तेजी लाने और पिछले सप्ताह कंपनी के खिलाफ नया मामला दर्ज करने से कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है।1993-2005 के बीच कोल आवंटन में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई द्वारा जेएसपीएल के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने के बाद सोमवार को कंपनी के शेयर 8.59 फीसदी तक गिरे।
जेएसपीएल के शेयर बीएसई पर 7.9 फीसदी की गिरावट के साथ 152.70 रुपये पर बंद हुए। इसकी बाजार पूंजी 1,198 करोड़ रुपये घट गई। हालांकि जेएसपीएल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के सभी कदम कानूनी तौर पर सही हैं और उसने कानून का पालन किया है। कंपनी 2008 में झारखंड में कोल ब्लॉक हासिल करने में कथित तौर पर धोखाधड़ी और गलत तथ्य प्रस्तुत करने के लिए पहले से ही सीबीआई जांच का सामना कर रही है।
इसके अलावा जांच की सुनामी से डाबर इंडिया के शेयर सोमवार को शुरूआती कारोबार में 9 फीसदी गिरे। कंपनी के एक प्रमोटर प्रदीप बर्मन का नाम सुप्रीम कोर्ट में काले धन के मामले में दाखिल किए गए हलफनामे में आने के बाद डाबर को यह झटका लगा है।डाबर इंडिया के शेयर 8.98 फीसदी की गिरावट के साथ बीएसई पर 196.40 रुपये पर आ गए। डाबर के ताजे शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार प्रदीप बर्मन की कंपनी में 0.02 फीसदी हिस्सेदारी है। प्रदीप बर्मन मौजूदा समय में कंपनी में किसी पद पर नहीं हैं। हालांकि एक समय वे डाबर इंडिया के पूर्णकालिक डायरेक्टर थे। कारोबार के अंत में डाबर 3.06 फीसदी की गिरावट के साथ 209.20 रुपये पर बंद हुआ।
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा बाजार में कारोबार करने के लिए अगले तीन वर्ष तक रोक लगाए जाने के बाद से डीएलएफ के शेयर 15 फीसदी तक गिरे हैं। हरियाणा की नई सरकार द्वारा डीएलएफ वाड्रा जमीन सौदे की जांच कराए जाने के संकेत देने के बाद सोमवार को डीएलएफ के शेयरों में और गिरावट आई है। सोमवार को डीएलएफ 7.84 फीसदी की गिरावट के साथ 110.50 रुपये पर बंद हुआ। इस तरह से एक दिन में डीएलएफ की बाजार पूंजी में 1,674 करोड़ रुपये की गिरावट आई।