चुनाव से पहले शहरी गरीबों को सस्ते होम लोन की सौगात मिल सकती है।
केंद्र सरकार अपने आखिरी साल में होम लोन पर 5 फीसदी की ब्याज छूट देने की तैयारी कर रही है।
फिलहाल 15 लाख रुपये तक के होम लोन पर सिर्फ एक फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलती है। लेकिन राजीव आवास ऋण योजना के जरिए सरकार निम्न आय वर्ग को 5 फीसदी की ब्याज छूट दे सकती है।
शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। ऐसा होने पर इन वर्गों के होम लोन पर 5-6 फीसदी की दर से ब्याज देय होगा।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निम्न आय वर्ग (एलआईजी) को 8 लाख रुपये और आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 5 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज में 5 फीसदी सब्सिडी देने की योजना है।
योजना का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने एलआईजी और ईडब्ल्यूएस के दायरे को भी बढ़ा दिया है।
सालाना एक लाख रुपये तक आमदनी वाले परिवार ईडब्ल्यूएस और दो लाख रुपये आय वाले परिवार एलआईजी माने जाएंगे। इस योजना के लिए एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया जा सकता है।
आवासों की कमी पर मंत्रालय की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी शहरों में करीब 1.87 करोड़ मकानों की कमी है।
इनमें से करीब 95 फीसदी कमी निम्न और आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के मकानों की है। सरकार मध्यम आय वर्ग को 15 लाख रुपये तक के होम लोन पर सिर्फ एक फीसदी ब्याज छूट देती है।