डीजल के दाम में जनवरी अंत तक एक दफा फिर से इजाफा हो सकता है। पेट्रोलियम कंपनियों ने इसका संकेत दे दिया है। आम उपभोक्ताओं के लिए डीजल के दाम पर से आंशिक सरकारी नियंत्रण हटने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने प्रत्येक पखवाड़े इसकी समीक्षा करने का निर्णय लिया है। तेल कंपनियां कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत और एक्सचेंज दर के उतार-चढ़ाव को देखते हुए करीब 50-60 पैसे प्रति लीटर तक डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं।
इंडियन ऑयल के निदेशक(वित्त) पीके गोयल ने साफ किया है कि डीजल के दाम की समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मासिक स्तर पर भी कीमतों की समीक्षा हो सकती है। सूत्रों की माने तो थोक खरीदारों के लिए डीजल कीमत की समीक्षा नियमित रुप से प्रत्येक माह के 1 और 16 तारीख को होगी। उल्लेखनीय है कि फिलहाल पेट्रोल के दाम प्रत्येक माह घटाए-बढ़ाए जाते हैं। जबकि हवाई ईंधन मूल्य की समीक्षा भी प्रत्येक पखवाड़े की जाती है।
महत्वपूर्ण यह है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल बिक्री पर फिलहाल कोई नुकसान नहीं हो रहा है। कंपनियां पेट्रोल की तर्ज पर डीजल की अंडर रिकवरी भी कम करना चाहती हैं। माना जा रहा है कि रक्षा, रेलवे, राज्य परिवहन, कृषि और उद्योगों को 9.25 पैसा प्रति लीटर की अधिक कीमत और आम उपभोक्ताओं के लिए 45 पैसा प्रति लीटर डीजल के दाम में इजाफा करने से सालाना सब्सिडी में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।