रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर आने वाले दिनों में पेट्रोल के अलावा डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा।
संभावना है कि तेल कंपनियां डीजल के दाम में 50 पैसे प्रति लीटर से अधिक का इजाफा कर सकती हैं। पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने संकेत दिये हैं।
माना जा रहा है कि डीजल के दामों में भविष्य में 50 पैसे प्रति लीटर की जगह एकमुश्त दो से तीन रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
मोइली ने कहा कि फिलहाल डीजल मूल्यवृद्धि पर फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन यह मामला मंत्रालय के विचाराधीन है। फिलहाल तेल कंपनियों को पेट्रोल बिक्री पर कोई घाटा नहीं हो रहा है।
डीजल बिक्री पर 9.29 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए तेल कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय से प्रत्येक माह 50 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ाने की जगह एकमुश्त रकम बढ़ाने की मांग की है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन आरएस बुटोला ने साफ कर दिया है कि अगर रुपये के अवमूल्यन के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ते हैं तो पेट्रोल के दाम में एक दफा फिर से इजाफा हो सकता है।
हालांकि डीजल पर कीमतों में एकमुश्त इजाफे पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के नियंत्रण में होने के कारण डीजल मूल्यवृद्धि पर पेट्रोलियम मंत्रालय को ही कोई फैसला लेना है।
गौरतलब है कि तेल कंपनियों ने 1 अगस्त को 62 पैसे प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़ाए थे। जबकि पिछले तीन माह में पेट्रोल के दाम 8 रुपये 19 पैसा प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
फिलहाल दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए 71.28 रुपये और डीजल के लिए 51.40 रुपये चुकाना पड़ रहा है।