पेट्रोल के दाम बढ़ने के अगले दिन ही डीजल भी महंगा हो गया है। लेकिन यह बढ़ोत्तरी उन्हीं उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी जो बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। जैस की रेलवे। यानी पेट्रोल पंप पर आम ग्राहकों को डीजल पुरानी कीमत पर ही मिलेगा। वहीं डीजल के बड़े खरीदारों को प्रति लीटर एक रुपये ज्यादा देना होगा।
शुक्रवार को तेल कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों को 40 रुपये सस्ता करने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को इसमें बदलाव किया गया है। अब बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर 37.50 रुपये कम कीमत पर मिलेंगे। फिलहाल उपभोक्ताओं को साल में केवल 9 रियायती सिलेंडर मिलते हैं।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इस साल 18 जनवरी को बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 46.50 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी। वर्तमान में दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है, जबकि सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर 410.50 रुपये में मिलता है।
इससे पहले बजट के अगले दिन शुक्रवार को पेट्रोल की कीमतों में 1.40 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। नई दरें शुक्रवार आधी रात से लागू हैं।
डीजल की कीमत बढ़ने पर भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि यूपीए सरकार महंगाई कम करने के बजाय इसे बढ़ाने की हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट के ठीक बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का फैसला समझ से परे है।
बढ़ सकता है रेल किराया
डीजल की बढ़ी कीमत का असर रेल किराए पर पड़ सकता है। इस साल 26 फरवरी को पेश हुए रेल बजट 2013-14 में रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा था कि डीजल की कीमत बढ़ने पर रेल किराया बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा डीजल के थोक में महंगा होने से ट्रांसपोर्ट के अन्य साधन भी महंगे होंगे, जिसका सीधा असर अन्य वस्तुओं पर भी पड़ेगा।