देश के प्रत्येक राज्य में डीजल पर वैट की अलग-अलग दरों को एक समान करने की मांग उठने लगी है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने वित्त मंत्रालय से देश में एक समान वैट दर को आगामी वित्त वर्ष से लागू करने की मांग की है। ऐसा होने पर कई राज्यों में वाहनों में इंधन भराना सस्ता हो जाएगा। वहीं रोजमर्रा की वस्तुओं, साग-सब्जियों के दाम में भी गिरावट आ सकेगी।
फिलहाल दिल्ली में डीजल पर वैट की दर 12.5 फीसदी है। जबकि उत्तर प्रदेश में 17 फीसदी और हरियाणा 8.8 फीसदी है। इसलिए ज्यादातर वाहन चालक उत्तर प्रदेश में इंधन लेने के बजाए हरियाणा या दिल्ली में डीजल लेना पसंद करते हैं। फेडरेशन के महासचिव अजय बंसल ने इस बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य में एक समान वैट दर के लिए वित्त मंत्रालय से गुहार लगाई गई है।
दिल्ली समेत ऐसे राज्य जहां भारत चरण -चार (बीएस-4)इंधन को ही इस्तेमाल में लाया जाता है उन राज्यों में इस पहल से प्रदूषण का स्तर नहीं बढ़ेगा। दरअसल कई राज्यों में डीजल पर वैट की दर कम होने और बीएस- दो या तीन इंधन मिलने पर वाहन चालक अधिक सल्फर मिश्रित इंधन लेने से नहीं हिचकते हैं। इस कारण दिल्ली व बीएस चार इंधन का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में भी स्वच्छ इंधन के इस्तेमाल के बावजूद प्रदूषण बढ़ रहा है।
वहीं कमोडिटी की कीमत बढ़ाने में भी डीजल पर वैट की कीमत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बंसल ने बताया कि फेडरेशन को वित्त मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर राज्य सरकारों से विचार विमर्श करने का आश्वासन दिया गया है।