मोदी सरकार के पहले बजट से पहले रसोई गैस और केरोसिन की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा तूल पकडऩे लगा है। किरीट पारेख समिति ने सरकारी खजाने पर पेट्रोलियम सब्सिडी का बोझ घटाने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 250 रुपये और केरोसिन का रेट 4-5 रुपये बढ़ाने की सिफारिश की थी। आम बजट से पहले इन सिफारिशों को आगे बढ़ाने की अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फिलहाल रसोई गैस व केरोसिन के दाम बढ़ाने से साफ इनकार किया है। लेकिन केंद्र सरकार को देर-सबेर इस पेचीदा मसले पर फैसला लेना होगा।
अमर उजाला से बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फिलहाल पीडीएस के जरिए केरोसिन के वितरण और इसके कोटे की जो व्यवस्था है, वह जारी रहेगी। लेकिन सरकार वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए राज्यों के साथ भागीदारी कर सोलर लैंप का इस्तेमाल बढ़ाने का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि सस्ती दर पर केरोसिन बांटने के लिए केंद्र सरकार प्रति लीटर करीब 33 रुपये की सब्सिडी दे रही है। इसी तरह घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर भी सरकारी तेल कंपनियों की अंडर रिकवरी 449 रुपये तक पहुंच गई है।
किरीत पारेख समिति ने पेट्रोलियम और गैस से जुड़े कई सुधारों का रोड मैप सुझाया है। लेकिन पहले यूपीए सरकार चुनाव के लिए एलपीजी सिलेंडर पर 250 रुपये बढ़ाने की हिम्मत नहीं कर पाई। यही हाल मोदी सरकार का है। कमजोर मानसून और महंगाई से जूझ रही सरकार के लिए इतका बड़ा फैसला लेना बेहद कठित होगा। शुक्रवार को पीटीआई ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि पेट्रोलियम मंत्रालय किरीट पारेख समिति की सिफारिशों के आधार पर एक प्रस्ताव राजनैतिक मामलों की कैबिनेट समिति को भेजने की तैयारी कर रहा है। लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस तरह की अटकलों को सिरे नकार दिया है।
तेल व गैस उद्योग की सुरक्षा के लिए नया कानून आंध्र प्रदेश में हुए गेल गैस हादसे से सबक लेते हुए सरकार देश के तेल व गैस इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए नया कानून बनाने में जुट गई है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने मंत्रालय को इस विधेयक का मसौदा तैयार करने को कहा है। इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाएगा।