उत्तर प्रदेश में लघु उद्योगों को पूरा ब्यौरा जल्द ही वेबसाइट पर मौजूद होगा। इससे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट मिल सकेंगे। लघु उद्यमियों के विवाद व समस्याएं सुलझाने के लिए फैसीसिलेटर काउंसिल पुनर्जीवित का जाएंगे।
लघु उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बताया कि दो से तीन महीनों में प्रदेश के उद्योगों का जिलेवार आंकड़ा और यहां लगे औद्योगिक इकाइयों का विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एक लाख की पूंजी पर एक ही व्यक्ति को रोजगार मिलता है, जबकि प्रदेश में 50 हजार की पूंजी पर एक व्यक्ति को रोजगार मिल जाता है। प्रदेश सरकार उद्यमियों के लिए ऐसा वातावरण बनाने जा रही है, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी यहां निवेश कर सकेंगे और लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।