जापान की एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनी डायकिन अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी करने के लिए भारत में दूसरा संयत्र लगाने की योजना बना रही है।
मौजूदा समय में कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 5 लाख यूनिट है। डायकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर के.जे. जावा ने बताया कि विस्तार के लिए डायकिन का बजट 330 करोड़ रुपये का है। इसमें नई फैक्ट्री की जमीन की लागत शामिल नहीं है।
नए प्लांट के आकार के बारे में उन्होंने बताया कि हम अपनी क्षमता दोगुनी करना चाह रहे हैं क्योंकि राजस्थान के नीमराना स्थित हमारा प्लांट अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रहा है।
डायकिन ने बुधवार को भारत के बाजार में कॉमर्शियल एयरकंडीशनिंग के लिए नेक्स्ट जेनरेशन वीआरवी 4 टेक्नोलॉजी लांच किया है और कंपनी वित्त वर्ष 2014-15 में 2,500 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने की उम्मीद कर रही है।
कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 2,200 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। जावा ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में हम कम से कम 2,500 करोड़ रुपये के राजस्व को पार करने की उम्मीद कर रहे हैं। हम इससे ज्यादा राजस्व हासिल कर सकते थे लेकिन चुनाव और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर रहने के कारण पहली छमाही में ग्रोथ कमजोर रही।
जावा ने बतया कि हम भारत में खुद को एयरकंडीशनर के बाजार में शीर्ष कंपनी के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए हमारी नई तकनीक वीआरवी 4 बेहद उपयोगी साबित होगी।
इसके जरिए हम सस्ता और दूसरी कंपनियों के एसी की तुलना में 31 से 70 फीसदी तक ऊर्जा की कम खपत करने वाला एसी मुहैया कराएंगे। इससे हमें छोटे शहरों में भी अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।