आर्थिक संकट से जूझ रहे साइप्रस की मुश्किलों के समाधान का मसला सुलझने के बजाय और भी उलझ गया है। वजह है, देश की संसद द्वारा उसे यूरोपियन यूनियन की ओर ऊंचे कर व कड़ी शर्तों पर दिए बेलआउट पैकेज को ठुकरा दिया जाना। मंगलवार की रात संसद ने यूरो जोन के 10 अरब यूरो (करीब 13 अरब डॉलर) के पैकेज को नामंजूर कर दिया। इसके चलते देश की आर्थिक दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं।
साइप्रस संकट गहराने से ग्लोबल बाजारों में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए यूरोपियन यूनियन जल्द से जल्द इस मसले को सुलझाना चाहती है। साइप्रस की संसद द्वारा बेलआउट पैकेज को अस्वीकार किए जाने के बाद अब उसकी निगाहें वहां के राष्ट्रपति निकोस एनेस्टेसिएड्स पर टिकी हैं। यूनियन चाहती है कि राष्ट्रपति कोई ऐसा सर्वमान्य फार्मूला लेकर सामने आएं जो कि संसद में सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को स्वीकार्य हो।
गौरतलब है कि बेलआउट पैकेज के बदले साइप्रस के बैंकों में रकम रखने वाले सभी लोगों पर समान रूप से करीब 10 फीसदी का बेलआउट टैक्स लगाए जाने के यूरोपियन यूनियन के प्रस्ताव के बाद साइप्रस में नकदी का जबर्दस्त संकट खड़ा हो गया था। टैक्स कटौती के डर से लोग एकाएक बैंकों में जमा अपने धन को निकालने लगे थे। हालत यह हो गई थी की एक ही दिन में देश के तकरीबन सारे बैंक एटीएम खाली हो गए थे।
इसके बाद यूरोनियन यूनियन के 17 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों की शनिवार को हुई बैठक में साइप्रस को पैकेज की शर्तों में कुछ ढील दी गई। साइप्रस सरकार को यह छूट दी गई कि वह चाहे तो बेल आउट टैक्स को सभी जमाकर्ताओं पर समान रूप से न लागू कर इसे केवल बड़े निवेशकों तक सीमित रखे। इस प्रस्ताव के तहत सरकार 20 हजार यूरो से कम की रकम वाले छोटे निवेशकों को कर अदायगी से पूरी तरह मुक्त रख सकती थी, जबकि 20 हजार से एक लाख यूरो तक की रकम जमा करने वाले निवेशकों पर 6.75 फीसदी की रियायती दर से कर लगा सकती थी।
एक लाख से ऊपर के सारे जमाओं पर एक समान 9.9 फीसदी की दर से कर लsगाने का प्रस्ताव था। इस तरह बैंक में जमा रकमों पर कर लगा कर बेलआउट पैकेज के एवज में निवेशकों से 5.8 अरब यूरो की वसूली की योजना थी। हालांकि साइप्रस की संसद को यूरोपियन यूनियन की यह शर्त भी नागवार गुजरी और उसने मंगलवार की रात एक प्रस्ताव के जरिये पैकेज को खारिज कर दिया। संसद की इस नामंजूरी के बाद साइप्रस के बेलआउट को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।