पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर बढ़कर इस महीने के उच्चतम स्तर 7.81 फीसदी पर पहुंच गई। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक मुद्रास्फीति की दर अगस्त महीने में 7.55 फीसदी रही थी, लेकिन डीजल के दाम बढ़ाए जाने से इस पर दबाव पड़ा और पिछले महीने यह बढ़कर 7.81 प्रतिशत पर पहुंच गई।
हालांकि पिछले साल सितंबर में यह 10 प्रतिशत पर रही थी। मुद्रास्फीति में हुई इस बढ़ोतरी के चलते चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों की अवधि में यह 4.60 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 4.48 प्रतिशत रही थी। थोक मूल्य सूचकांक में 14.91 प्रतिशत का भारांक रखने वाले ईंधन एवं ऊर्जा का सूचकांक चार फीसदी बढ़ गया, जबकि 64.97 प्रतिशत का भारांक रखने वाले कारखाना उत्पादों और 20.12 फीसदी का भारांक रखने वाले प्राथमिक उत्पाद समूह में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में खाद्य उत्पादों का सूचकांक कॉफी, रागी, मछली, गेहूं, अंडा, मक्का, चावल, उड़द, मसूर, अरहर, चाय, दूध और मांस की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से 0.6 फीसदी बढ़ गया। हालांकि इसी अवधि में फलों और सब्जियों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
गैर खाद्य उत्पादों के सूचकांक में भी 2.। फीसदी की कमी आई। सोयाबीन, कच्चा कपास, ग्वार फली और कच्चे रेशम की कीमतें कम होने से इस समूह के सूचकांक में कमी आई है। तेल एवं खनिज समूह का सूचकांक सितंबर महीने में 4.9 फीसदी बढ़ गया। कच्चा तेल, जिंक, मैग्नीज अयस्क और तांबा अयस्क के दाम इस अवधि में बढ़ गए।