केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.1 फीसदी के स्तर पर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। केद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने शुक्रवार को यह बात कही है।
सिन्हा ने एक आयोजन से अलग कहा कि हम खर्च घटाने के सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि हम मौजूदा वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे 4.1 फीसदी तक रखने में सफल होंगे।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2015 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी कर 4.1 फीसदी रखने का लक्ष्य तय किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 4.5 फीसदी से कम है और सरकार इसे 2016-17 में घटा कर जीडीपी के 3 फीसदी के स्तर पर लाना चाहती है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार सरकारी निवेश को बढ़ाने के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को शिथिल बनाने पर विचार कर रही है, सिन्हा ने कहा कि हमारा मानना है कि राजकोषीय बुद्धिमत्ता दिखाना बहुत जरूरी है। इससे वैश्विक स्तर पर हमारी साख मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर हमें सार्वजनिक निवेश और निवेश की धारणा को मजबूत बनाने के लिए संसाधनों की जरूरत है और हम इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके साथ ही हम कुछ नई चीजें करने का भी इरादा रखते हैं।