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विदेशी चख सकेंगे भारतीय नारियल तेल का स्वाद

Tue, 22 Jan 2013 11:03 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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नारियल तेल में तैयार होने वाले दक्षिण भारतीय लजीज व्यंजनों की खुशबू दुनिया भर में फैली हुई है। लेकिन, नारियल तेल के निर्यात पर रोक के चलते विदेशियों को इसके लजीज व्यंजनों का स्वाद यहां आकर ही मिलता है। अब वे अपने यहां ही भारतीय नारियल तेल की खरीददारी करके स्वयं दक्षिण भारतीय व्यंजन तैयार कर सकेंगे।
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सरकार ने उत्पादकों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए नारियल तेल का निर्यात खोलने की योजना बनायी है। वृहस्पतिवार को होने वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।

कृषि मंत्रालय के मुताबिक खाद्य तेलों की घरेलू उपलब्धता कमजोर होने के कारण नारियल तेल के निर्यात पर रोक लगी हुई है। हालांकि, दक्षिण भारत में खाद्य तेलों के रूप में सर्वाधिक नारियल तेल की ही खपत होती है और घरेलू खपत के मुकाबले इसका उत्पादन कहीं ज्यादा है।
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इसके बावजूद नारियल तेल के निर्यात से दूसरे खाद्य तेलों की कीमतें प्रभावित न हो इसके लिए रोक लगी हुई है। लेकिन अब उत्पादकों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने कुछ शर्तो के साथ नारियल तेल के निर्यात को मंजूरी देने का मन बना लिया है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार ने नारियल तेल को पांच लीटर के पैक में निर्यात करने का प्रस्ताव तैयार किया है। छोटे पैक में निर्यात से न सिर्फ लघु उद्योगों को लाभ होगा बल्कि उत्पादकों को भी उपज की बेहतर कीमत मिल सकेगी।

निर्यात के लिए सरकार ने नारियल तेल का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 1,500 डॉलर प्रति टन निर्धारित किया है। इस आशय का प्रस्ताव सीसीईए के पास भेजा गया है। उम्मीद है कि वृहस्पतिवार को होने वाली सीसीईए की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है।
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