उद्योग समूहों को अखिलेश सरकार के 2013-14 के बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने लखनऊ और औद्योगिक सिटी कानपुर के बीच तेज रफ्तार नॉनस्टाप वातानुकूलित लक्जरी कोच वाली बस सेवा, कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर रात में विमान उतरने की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ रनवे बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा उद्योगों के लिए अच्छी सड़कों की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कानपुर, भदोही, साहिबाबाद, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे सर्वाधिक निर्यात वाले क्षेत्रों के बीच उच्च स्तरीय क्वालिटी वाली सड़कें बनाए जाने पर बल दिया गया है।
वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट से पहले सीआईआई ने प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्र के जरिए सरकार के पास एक मांगपत्र भेजा है। इसमें औद्योगीकरण के माहौल को बढ़ाने, नए निवेश को आकर्षित करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर और मेरठ को उद्योगों के लिहाज से बेहद संभावना वाला क्षेत्र बताते हुए इनके बीच तेज रफ्तार रेल सेवा (हाई स्पीड ट्रेन सेवा) की जरूरत बताई है।
वाणिज्यिक माहौल में सुधार के लिए वैट दरों को अन्य राज्यों की तरह लागू करने का सुझाव दिया है। इस समय कई पड़ोसी राज्यों से अधिक वैट लिया जा रहा है। साथ ही समय की बचत और भ्रष्टाचार की गुंजाइश के खात्मे का हवाला देते हुए गुजरात और कर्नाटक की तरह ऑनलाइन फार्म भरने की सुविधा देने की मांग की है।
प्रवेश कर को समाप्त करने की भी मांग की गई है। बिजली क्षेत्र में सुधार को लेकर भी कई अहम सुझाव दिए हैं। सीआईआई को उम्मीद है कि नई निवेश नीति लाने के बाद प्रदेश सरकार इस बजट में कई अहम कदम उठाने वाली है। इसके अलावा भूमि सुधार, ढांचागत विकास, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में सुधार और स्किल डेवलेपमेंट आदि से संबंधित सुझाव भी दिए गए हैं।