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एयरटेल, वोडाफोन सहित तीन के खिलाफ आरोपपत्र

Fri, 21 Dec 2012 11:08 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में यूपीए के बाद अब राजग सरकार के समय में आवंटन में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर भी सीबीआई ने आरोपपत्र दायर कर दिया। सीबीआई ने आरोपपत्र में पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष और भारती एयरटेल, वोडाफोन सहित तीन दूरसंचार कंपनियों को अभियुक्त बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार आवंटन में बरती अनियमितताओं के कारण सरकार को 846 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
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इस मामले में हालांकि तत्कालीन संचार मंत्री प्रमोद महाजन को जिम्मेदार ठहराया गया है, मगर उनकी मृत्यु होने के कारण सीबीआई ने उन्हें अभियुक्त नहीं बनाया। पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष दायर आरोपपत्र में सीबीआई ने भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड, हचिसन मैक्स एवं स्टर्लिंग सेल्युलर व अवकाशप्राप्त एवं तत्कालीन दूरसंचार सचिव श्यामल घोष को आरोपी बनाया है। सीबीआई ने कहा जिस समय आवंटन में अनियमितताएं बरती गईं, उस समय स्व. प्रमोद महाजन संचार मंत्री थे, मगर उनकी मृत्यु हो चुकी है अत: उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।

सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बीएसएनएल के पूर्व निदेशक जेआर गुप्ता को अभियुक्त बनाया गया था, मगर दायर आरोपपत्र में सीबीआई ने उनका नाम गवाहों की सूची में पेश किया है। सीबीआई ने गुप्ता सहित कुल 73 गवाहों की सूची पेश की है। सीबीआई ने आरोपपत्र में कहा कि एयरटेल व वोडाफोन के प्रमोटरों के खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है। सीबीआई ने कहा कि प्रमोद महाजन के कार्यकाल में दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार कंपनियों के लिए लाइसेंस के साथ दिया जाने वाला न्यूनतम स्पेक्ट्रम 4.4 मेगाहर्ट्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहर्ट्ज कर दिया गया।
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इसके साथ ही उस दौरान कंपनियों को ग्राहक संख्या के आधार पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम का भी आवंटन कर दिया गया। सीबीआई ने अदालत से सभी अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र व भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान के लिए सुनवाई 14 जनवरी तय की है। सीबीआई स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में पहले ही पूर्व संचार मंत्री ए. राजा सहित 17 के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर चुकी है। इन सभी के खिलाफ ट्रायल विचाराधीन है।
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