चुनावी फसल काटने के लिए कैश हस्तांतरण योजना (डीबीटी) को प्रमुख हथियार बना रही यूपीए सरकार ने इसका दायरा बढ़ाने के साथ ही दूसरे चरण के क्रियान्वयन की तैयारियां तेज कर दी है।
बीते सप्ताह पीएम ने योजना से संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ बैठक की थी। इसके बाद अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने योजना से संबंधित मंत्रालय के सचिवों को पत्र लिख कर फास्ट ट्रैक मोड में कार्यवाही शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया है।
पीएम के प्रधान सचिव ने अपने पत्र में दूसरे चरण में शामिल किए गए 78 जिलों में डेटा बेस का डिजिटलीकरण शुरू करने के साथ पूरे देश में इसकी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया है।
पांच अप्रैल को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दूसरे चरण के लिए 78 जिलों का चयन किया गया था। इसी बैठक में अब तक चयनित 121 में से 20 जिलों में एलपीजी सब्सिडी तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय की तीन योजनाओं को इस योजना में शामिल करने का फैसला किया गया था।
प्रधान सचिव ने संबंधित मंत्रालयों को योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए निगरानी तंत्र के गठन का भी निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि निगरानी के अभाव में चयनित जिलों में योजना के क्रियान्वयन में देरी हो सकती है।