लघु, छोटे और मझोले उद्योग (एमएसएमई) का कारोबारी भरोसा अभी भी कमजोर बना हुआ है। वित्त मंत्री द्वारा बजट 2013-14 में एमएसएमई से जुड़े कई मुद्दों पर ध्यान दिए जाने के बावजूद इस सेक्टर का कारोबारी भरोसा मजबूत नहीं हुआ है। सीआईआई के एमएसएमई बिजनेस भरोसा सूचकांक के सर्वे में यह बात सामने आई है।
सीआईआई नेशनल एमएसएमई काउंसिल के चेयरमैन दीप कपुरिया का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में एमएसएमई का कुल कारोबारी भरोसा सूचकांक 52.2 अंक पर रहने का अनुमान है।
सूचकांक का आकलन 0-100 अंक के बीच किया जाता है, जो सबसे प्रतिकूल से सबसे अनुकूल स्थिति को व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि भले ही एमएसएमई का कारोबारी भरोसा तुलनात्मक रूप से सुस्त है लेकिन हमारा मानना है कि इस सेक्टर के लिए बेहतर स्थिति बनने की पूरी संभावनाएं हैं और जल्द ही हालात बेहतर होंगे।
सर्वे में कहा गया है कि एमएसएमई सेक्टर के लिए उच्च ब्याज दरें सबसे अधिक चिंता का विषय है। माना जा रहा है कि एमएसएमई सेक्टर में सेवा क्षेत्र मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र से बेहतर रहेगा। वर्तमान में सेवा क्षेत्र के लिए कारोबारी भरोसा सूचकांक 55.8 अंक पर और मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए 50.1 अंक दर्ज किया गया।
सर्वे के मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिक्री की रफ्तार सुस्त बनी रह सकती है, हालांकि आने वाले महीनों में इसमें तेजी आने की संभावना है।