वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने यूरोपीय निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि देश में आर्थिक सुधारों के कदम आगे भी जारी रहेंगे। सरकार आर्थिक वृद्धि दर को आठ फीसदी तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाती रहेगी। राजकोषीय एवं चालू व्यापार घाटे को कम करने के प्रभावी उपाय भी किए जाएंगे।
चिदंबरम ने विदेशी निवेशकों को भारत में आकर्षित करने के अपने रोड शो के दौरान कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 2004 से 2008 की ऊंची आर्थिक विकास दर फिर से हासिल करने की राह में आगे बढ़ रहा है। यूरोप की दिग्गज कंपनियों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि 20 से 30 वर्षों तक भारत इसी तरह की विकास दर हासिल करेगा। जर्मनी में यूरोपीय निवेशकों को लुभाने संबंधी दौरे को ड्यूश बैंक और बर्कलेज बैंक ने आयोजित किया था।
इससे पहले चिदंबरम ने हांगकांग और सिंगापुर में भी इसी तरह की बैठकों के जरिये एशियाई देशों के निवेशकों को भारत की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था को मौजूदा घाटा और राजकोषीय घाटे जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.5 से 5.7 फीसदी रहने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटे को कम करने संबंधी सरकार के उपायों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में वह इसे सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी से ऊपर नहीं जाने दिया जाएगा। अगले वर्ष सरकार ने इसे घटा कर 4.8 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा है।