भारत के हेल्थ व फार्मास्यूटिकल सेक्टर में व्यापक संभावनाओं को देखते हुए अमेरिका के कॉरपोरेट जगत ने सरकार से आगामी बजट में इस सेक्टर को लेकर कुछ सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत जताई है।
यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) ने वित्त मंत्री पी चिदंबरम को एक बजट पूर्व ज्ञापन सौंप कर बजट में ऐसे उपाय करने की मांग की है, जिनसे कि इस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और ग्लोबल साझेदारी को बढ़ावा मिल सके।
यूएसआईबीसी ने हाल ही में सरकार द्वारा इस सेक्टर को लेकर किए गए कुछ नीतिगत फैसलों पर चिंता भी जताई है। यूएसआईबीसी ने कहा है कि बीते वर्ष सरकार ने अधिग्रहण गतिविधियों, पेटेंट वाली दवाओं के मूल्य निर्धारण, नैदानिक परीक्षणों (क्लीनिकल ट्रायल) व बौद्धिक संपदा से संबंधित कुछ ऐसे नतियों और फैसलों की घोषणा की है, जोकि देश के फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायो टेक्नॉलजी जैसे सेक्टरों में एफडीआई के दायरे को सीमित कर सकते हैं।