सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल अपने बढ़ते आर्थिक घाटे से निजात पाने के लिए करीब 1 लाख कर्मचारियों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट (वीआरएस) देने की योजना पर विचार कर रही है। बीएसएनएल के इस कदम से उसके वेतन खर्च में करीब 15 फीसदी तक कमी आ सकती है।
बीएसएनएल के एक अधिकारी के मुताबिक 31 मार्च 2011 तक कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 2.81 लाख थी। इनमें करीब एक लाख कर्मचारी संख्या से अधिक हैं। इनमें भी ज्यादातर कर्मचारियों की उम्र ज्यादा है और उनमें काम करने के लिए जरूरी कौशल का अभाव है। अधिकांश कर्मचारियों की उम्र 50 साल के आस-पास है।
कंपनी चाहती है कि ऐसे कर्मचारी स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लें। अगर इतने कर्मचारी वीआरएस लेते हैं तो कंपनी के वेतन खर्चे में काफी कमी आएगी, जिससे कंपनी का प्रबंधन करना आसान हो जाएगा। फिलहाल कंपनी अपनी आय का 48 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च कर रही है।
गौरतलब है कि बीएसएनएल को साल 2004-05 में 10,183 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था, लेकिन इसके बाद से कंपनी के लाभ में लगातार कमी आ रही है। साल 2010-11 में बीएसएनएल को 6,384 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।