ब्रिटेन के उद्योग ने भारत में इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने में खास दिलचस्पी दिखाई है। मंगलवार को वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के साथ हुई इंडो-यूके सीईओ फोरम की बैठक में भागीदारी के संभावित क्षेत्रों पर बातचीत हुई। इस दौरान सीईओ फोरम ने सरकार को अपनी सिफारिशें भी सौंपी, जिनमें इंडस्ट्रियल टाउनशिप सहित कई क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
बैठक के बाद आनंद शर्मा ने बताया कि ब्रिटेन ने भारत में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग इनवेस्टमेंट जोन और इंडस्ट्रियल टाउनशिप की स्थापना में गहरी रुचि दिखाई है। इस तरह के दो इनवेस्टमेंट जोन बंगलूरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द बनने प्रस्तावित हैं।
शर्मा का कहना है कि सीईओ फोरम ने कई सिफारिशें दी हैं, जिन पर विचार कर अमल में लाया जाएगा। नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, एनर्जी और लाइफ साइंसेस में ब्रिटेन के अनुभवों से भारत को काफी लाभ मिल सकता है। तीन दिन की भारत यात्रा पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ कई सिटी प्लानर भी आए हैं, जिनकी नजरें भारत में शहरी और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाओं पर हैं।
भारत में गिनती के टाउन प्लानिंग संस्थान हैं जबकि सिटी प्लानरों की मांग बढ़ती जा रही है। विश्व स्तर पर अरबन और इंडस्ट्रियल प्लानिंग में ब्रिटेन की क्षमता का लोहा माना जाता है। सोमवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि यूके की कंपनियां मुंबई-बंगलुरू के आसपास आधुनिक नगर विकसित करने में भारत की मदद करना चाहती हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 25 अरब डॉलर का निवेश किया जा सकता है।
सीईओ फोरम की बैठक टाटा समूह के एमेरिटस चेयरमैन रतन टाटा और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के सीईओ पीटर सैंड्स की अध्यक्षता में हुई। जिसमें गोदरेज समूह के चेयरमैन एडी गोदरेज, आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोचर और आईटीसी समूह के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर भी मौजूद थे।