साधारण ईंधन के मुकाबले प्रीमियम ब्रांड के पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर होने के कारण इसके खरीदार लगभग खत्म हो गए हैं। इनके उत्पादन में तेल कंपनियों को अब पहले जैसा मुनाफा नहीं हो रहा है। इस वजह से सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल या डीजल का उत्पादन लगभग बंद कर दिया है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) एम नेने ने कहा है कि साधारण और प्रीमियम ईंधन के दाम में अंतर के कारण इनके खरीदार कम होते जा रहे हैं। वे मौजूदा कीमत पर प्रीमियम उत्पादों को नहीं खरीदना चाहते हैं। इसलिए इनकी बिक्री लगभग शून्य हो गई है।
उन्होंने कहा कि ब्रांडेड ईंधन का उत्पादन केवल डीलरों की मांग पर की जाएगी। फिलहाल, दिल्ली में ब्रांडेड डीजल की कीमत 65.81 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 77.58 रुपये प्रति लीटर है। जबकि साधारण डीजल की कीमत 46.95 रुपये और पेट्रोल 67.90 रुपये प्रति लीटर है।
मालूम हो कि 2007-08 में ब्रांडेड और साधारण ईंधन के बीच करीब 60 पैसा प्रति लीटर का अंतर था। सरकार ने पिछले माह गैर ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क को 9.28 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 5.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। लेकिन प्रीमियम ब्रांडेड पेट्रोल के उत्पाद शुल्क को 15.96 रुपये प्रति लीटर से कम नहीं किया गया। प्रीमियम पेट्रोल और डीजल को पुराने कीमत पर बेचने को कहा गया था।
गौरतलब है कि इंडियन ऑयल प्रीमियम ईंधन को एक्सट्रा माइल, भारत पेट्रोलियम स्पीड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पावर ब्रांड के नाम से बेचता है। प्रीमियम ईंधन का उपयोग इंजन के बेहतर प्रदर्शन के साथ प्रदूषण उत्सर्जन कम करने के लिए किया जाता है। इनकी बिक्री पर तेल कंपनियों को अच्छा खासा मुनाफा होता है।