एयरलाइंस सेक्टर के नियमन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जगह नया निकाय नागर विमानन प्राधिकरण (सीएए) गठित करने का विधेयक सरकार आगामी बजट सत्र में संसद में पेश कर सकती है। सरकार की योजना सीसीए को संचालन व वित्तीय स्वायत्तता वाले निकाय के रूप में गठित करने की है।
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने बताया कि हमने सीएए के गठन के लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है। हमने प्रस्ताव का मासौदा कानून मंत्रालय को भेज दिया है और उम्मीद है कि बजट सत्र के उत्तरार्ध में हम इस बिल को संसद में पेश कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि बीते छह वर्षों के दौरान देश में विमानों का आवागमन (एयर ट्रैफिक) कई गुना बढ़ गया है, जबकि विमानन क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले डीजीसीए में कर्मचारियों की भर्तियां यूपीएससी की लंबी प्रक्रिया के चलते बहुत कम हो पाई हैं। इन दिक्कतों को देखते हुए हम संचालन संबंधी पूरी स्वतंत्रता और वित्तीय अधिकार के साथ सीएए के रूप में नए निकाय का गठन करना चाहते हैं।
अजित सिंह ने कहा कि एक स्वायात्त निकाय के रूप में सीएए कर्मचारियों की भर्ती और उनका वेतन निर्धारण स्वयं कर सकेगा। साथ ही वह शुल्क निर्धारण और संकलन और सुरक्षा व निगरानी संबंधी कामकाज भी बिना किसी दिक्कत के अपने स्तर से कर सकेगा। इससे विमानन उद्योग का संचालन अधिक दक्षता के साथ किया जा सकेगा।