जानबूझ कर कर्ज अदा न करने वाले डिफाल्टरों पर लगाम कसने के लिए सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी में है। संसद के आगामी सत्र में इस विधेयक को पेश किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय इरादतन डिफॉल्टरों पर लगाम कसने के लिए विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। दंडात्मक प्रावधानों वाले इस विधेयक को संसद के शीत कालीन सत्र में पेश करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों का बताना है कि इस विधेयक में जानूबूझ कर लोन अदा न करने वालों की संपत्ति सरफेसी अधिनियम के तहत जब्त करने का प्रावधान होगा।
इसके अलावा कर्ज न अदा करने वाले संस्थानों या कंपनियों के प्रबंधन में बदलाव करने और प्रोमोटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जैसे उपायों को भी इस विधेयक में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने एक पैनल का गठन किया है।
इस पैनल में पूर्व विधि सचिव वीके भसीन के अलावा रिजर्व बैंक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए ) और कर्ज वसूली अभिकरण (डीआरटी) के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।