बाजार नियामक सेबी ने मोबाइल एसएमएस और वाट्सऐप मैसेज के जरिए हुए संदिग्ध निवेश घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इन माध्यमों के जरिए निवेशकों को शुरुआती भुगतान के बाद बड़े पैमाने पर रिटर्न का वादा किया गया था।
दो व्यक्तियों मंसूर रफीक खांडा और फिरोज रफीक खांडा को सेबी ने बृहस्पतिवार को निवेश सलाहकार के तौर पर काम करने से रोक दिया।
सेबी ने कथित तौर पर पाया कि ये लोग अनधिकृत रूप से एसएमएस और वाट्सऐप मैसेज के जरिए कारोबारी टिप्स दे रहे थे।
बाजार नियामक यह भी जांच कर रहा है कि कहीं दोनों आरोपियों का संबंध इम्तियाज हनीफ खांडा और वली ममद हबीब घनीवाला से तो नहीं है, जिन्हें सेबी ने क्रमश: अगस्त 2013 और दिसंबर 2013 में प्रतिबंधित किया था।