भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने देश के बैंकिंग सेक्टर में जल्द ही बड़े सुधार का संकेत दिया है।
राजन ने कहा कि जल्द ही ऐसी घोषणा की जाएगी, जिसके बाद विदेशी बैंकों के लिए भारत में ‘बड़ा दरवाजा’ खुल जाएगा और भारत में कारोबार शुरू करने के लिए वह बढ़ चढ़ कर आगे आएंगे। साथ ही वह घरेलू बैंकों का अधिग्रहण भी कर सकेंगे।
कुछ ही सप्ताह में रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी बैंकों के भारत में प्रवेश से जुड़ी नीतियों की घोषणा किए जाने की बात कहते हुए राजन ने बताया कि जल्द ही विदेशी बैंकों के लिए भारतीय बैंकिंग सेक्टर में कदम रखने का बड़ा अवसर आने वाला है। इसके जरिए वह छोटे घरेलू बैंकों के अधिग्रहण की ओर भी कदम बढ़ा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों को भारत में कारोबार शुरू करने की सहूलियतें प्रदान करना रिजर्व बैंक की ओर से बैंकिंग सेक्टर में सुधार की व्यापक नीति के पांच मूल स्तंभों में से एक होगी। अगले कुछ वर्षों में ही आरबीआई इसे पूरी तरह से लागू कर देगा।
गवर्नर ने कहा कि एक-दो सप्ताह के भीतर इन सुधारों की घोषणा कर दी जाएगी। इसके तहत विदेशी बैंकों को छोटे बैंकों का अधिग्रहण करके अपने पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयों के रूप में उनका संचालन करने की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा विदेशी बैंकों के लिए तकरीबन घरेलू बैंकों की ही तरह नीतियां बनाई जाएंगी।
हालांकि इसके लिए दो शर्तें होंगी। एक तो, यह छूट केवल उन देशों के बैंकों को ही दी जाएगी, जो भारतीय बैंकों को भी अपने देश में घरेलू बैंकों की तरह संचालन की छूट देंगे।
इसके अलावा छूट पाने के लिए बैंकों को केवल एक रूट अपनाना होगा। वह या तो पूरी तरह से अपनी शाखाएं खोल कर संचालन करें अथवा सहायक इकाई के जरिए बैंकिंग करें। बैंकों को दोनों रूटों से एक साथ एंट्री नहीं मिलेगी।