भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने कोयले की कमी की समस्या से जूझ रहे बिजली संयंत्रों को ध्यान में रखते हुए ईंधन की कम खपत करने वाला नया बॉयलर बनाया है।
कंपनी ने बयान जारी कर बताया कि इस नए बॉयलर का डिजाइन घरेलू एवं आयातित कोयले के मिश्रण पर आधारित है। यह दोनों तरह के कोयले के मिश्रण से संचालित होने में सक्षम है। बॉयलर की यह खासियत कोयले की कमी जैसी समस्या से जूझ रहे विद्युत संयंत्रों को वर्ष भर निर्बाध रूप से संचालित होने में सक्षम बना सकेगा।
भेल ने कहा कि उसके तिरुचिरापल्ली संयंत्र में स्थापित कोयला शोध केंद्र में घरेलू एवं आयातित कोयले के नमूने का विश्लेषण करने के बाद कोयले के मिश्रण की पहचान की जाती है। कंपनी ने इस बॉयलर को बनाकर कोयला उपलब्धता को लेकर बढ़ रही अनिश्चितता को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कंपनी ने कहा कि बिजली संयंत्रों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में ईंधन की कम खपत करने वाले बायलर को डिजाइन कर कंपनी ने विद्युत क्षेत्र को बड़ी राहत देने की कोशिश की है।