मोबाइल फोन पर बात करना अब 30 फीसदी तक महंगा हो गया है। भारती एयरटेल ने अधिकांश सर्किलों में प्रमोशनल ऑफर्स और फ्री मिनट्स में कमी कर कॉल दरें बढ़ा दी हैं। जबकि आइडिया सेल्युलर ने भी कुछ सर्किलों में सीधे तौर पर कॉल दरें बढ़ाने के बजाय प्रमोशनल ऑफर कम किए हैं।
कंपनी ने बढ़ती लागत और खर्चों को इसकी वजह बताया है। प्रमोशनल ऑफर्स में कमी का सबसे ज्यादा असर प्री-पेड ग्राहकों पर पड़ेगा। वोडाफोन ने भी कॉल दरों में वृद्धि के संकेत दिए हैं। जल्द ही बाकी कंपनियां भी कॉल दरें महंगी कर सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक एयरटेल ने फ्री मिनट्स में 10 से 25 फीसदी की कटौती की है, जबकि कुछ स्पेशल वाउचर में 5 से 15 रुपये (10-30 फीसदी) तक की बढ़ोतरी की गई है। यह मूल्यवृद्धि चरणबद्ध तरीके से सभी 22 सर्किलों में लागू की जाएगी।
भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने बताया कि हमने ज्यादातर सर्किलों में प्रमोशन ऑफर और फ्री मिनट्स कम किए हैं, हालांकि हेडलाइन टैरिफ (बुनियादी दर) में कोई बदलाव नहीं है। वहीं आइडिया सेल्युलर के प्रवक्ता ने भी कुछ सर्किलों में प्रमोशन ऑफर्स में कटौती की बात स्वीकार की है।
भाजपा के टेलीकॉम सेल के संयोजक संजय भल्ला ने कहा कि पार्टी कॉल दरों में बढ़ोतरी का विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर टेलीकॉम नियामक (ट्राई) से शिकायत करेगी। निर्मल बांग इक्विटिज के टेलीकॉम एनालिस्ट हरित शाह का कहना है कि बढ़ते खर्च के अलावा टेलीकॉम कंपनियों पर अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का भी दबाव है। टैरिफ में बढ़ोतरी इसी का नतीजा है।
प्री-पेड से कटेगी जेब
प्रमोशनल ऑफर्स का अधिक फायदा प्री-पेड ग्राहकों को मिलता है। कंपनियां हेडलाइन टैरिफ पर 50 फीसदी तक की छूट देती हैं। यानी बेसिक कॉल रेट 60 पैसे प्रति मिनट है तो ऑफर के तहत 30 पैसे प्रति मिनट तक का टैरिफ मिल जाता है।
एक पैसा प्रति सेकेंड के दिन गए
छह महीने पहले तक आमतौर पर कॉल दरें एक पैसे प्रति सेकेंड के आसपास थीं, जो अब 1.2 पैसे प्रति सेकेंड हो चुकी हैं। टेलीकॉम कंपनियों के ऑफर्स में कटौती को देखते हुए कॉल रेट एक रुपये प्रति मिनट या 1.5 पैसे प्रति सेकेंड तक बढ़ने की आशंका है।