यदि आपको अपने बैंक से किसी तरह की समस्या है, तो उस पर अब वह तुरंत कार्यवाही करेगा। साथ ही बैंक को 60 दिन के अंदर आपकी समस्या दूर करनी होगा। वित्त मंत्रालय द्वारा बैंकों को जारी किए गए निर्देश के अनुसार बैंक अब बिना किसी ठोस कारण के आपकी शिकायत को निपटाने में देरी नहीं कर सकेंगे।
वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज विभाग ने इस संबंध में सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और भारतीय रिजर्व बैंक को दिशानिर्देश भेज दिए हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ग्राहक को बैंकिंग सेवाओं के जरिए यदि किसी तरह की शिकायत हैं, तो उसे एक निश्चित अवधि में पूरा करना होगा। इसके तहत ग्राहक जब बैंक के पास कोई शिकायत करेगा, तो बैंक को उसे तीन दिन के अंदर पावती पत्र देकर यह सहमति देनी होगी, कि उसकी शिकायत पर कार्यवाही की जा रही है।
इसके बाद ग्राहक की शिकायत को हर हाल में 60 दिन के अंदर दूर करना होगा। यदि बैंक ऐसा नहीं कर पाता है, तो उसे ग्राहक को शिकायत दूर न होने की ठोस वजह बतानी होगी। साथ ही ग्राहक को यह भी बताना होगा कि उसकी शिकायत अगले कितने दिनों में दूर कर दी जाएगी।
इसके अलावा बैंक को ग्राहक से मिली लिखित शिकायत, जो कि पोस्ट के जरिए या सीधे प्राप्त हुई है, उसे भी स्कैन कर संबंधित वेबसाइट पर डालना होगा, जिससे शिकयतों की ऑनलाइन निगरानी भी की जा सके।
अधिकारी के अनुसार बैंकों को इससे संबंधित निर्देश पहले भी दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद इस तरह की शिकायतें आ रही थीं कि बैंक शिकायतें को हल करने में तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।