फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होटल इंडस्ट्री को कर्ज देने में बैंक नहीं रहेंगे मेहरबान

Fri, 02 Nov 2012 12:24 AM IST
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
विज्ञापन
विज्ञापन
आने वाले दिनों में बड़े शहरों में पांच सितारा होटल, चार सितारा जैसे होटल बनाने के लिए बैंकों से कर्ज मिलना मुश्किल हो सकता है। देश के प्रमुख बैंक इन शहरों में अतिरिक्त क्षमता आने और होटल में कमरे ज्यादा खाली होने से नए कर्ज देने में काफी सतर्कता बरत रहे हैं।
विज्ञापन


कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित देश के छह प्रमुख शहरों में अगले पांच साल में 50 हजार से ज्यादा होटल के कमरों की संख्या में इजाफा होगा। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 17,550, मुंबई में 10,200, बेंगलुरु में 9,400, चेन्नई में 5,150, कोलकाता में 4,500 नए कमरे होटल में आएंगे।

बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि देश में बड़े शहरों में तेजी से नए होटल आ रहे है। साथ ही कमरों की ओवर कैपिसटी होने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए नए कर्ज देने में सतर्कता बरतना जरुरी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो गैर निष्पादित संपत्तियां बढ़ने का खतरा हो सकता है।
विज्ञापन


कुशमैन की रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 के पहले छह महीने में देश के छह प्रमुख शहरों में कमरों की औसत उपलब्धता दर 5 फीसदी गिरी है। यानि खाली कमरों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस अवधि में औसतन 42 फीसदी कमरे  होटल में खाली थे।

पंजाब एंड सिंध बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंक केवल उन्हीं कंपनियों को कर्ज दे रहे हैं जहां प्रोजेक्ट की प्रासंगिकता है। होटल इंडस्ट्री में बड़े शहरों में कमरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिसकी वजह से ओवर कैपिसिटी है। ऐसे में बड़े शहरों में बैंक कर्ज देने में सतर्क हैं।

इंडियन बैंक के अधिकारी ने बताया कि मेट्रों शहरों में होटल की संख्या में तेजी से इजाफा होने की संभावना है। ऐसे में कर्ज देते वक्त सतर्कता की खास जरूरत है। बैंकिंग इंडस्ट्री में पॉवर सेक्टर, टेलीकॉम सेक्टर, एविएशन सेक्टर सहित दूसरे सेक्टर से कर्ज का भुगतान होने में काफी दिक्कत आ रही हैं, जिसकी वजह से बैंक इंडस्ट्री का चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग के तहत कर्ज तीन लाख करोड़ रुपये के पार जाने की आशंका हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें