घाटे और वित्तीय संकट से जूझ रही विजय माल्या के स्वामित्व वाली किंगफिशर एयरलाइन को झटका देते हुए उसके कर्जदारों ने अपने सारे बकाया कर्ज की रिकवरी शुरू करने का फैसला किया है। स्टेट बैंक के एक आला अधिकारी से मिली सूचना के मुताबिक किंगफिशर से करीब 7,500 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाने वाली है।
एसबीआई के डिप्टी एमडी (मिड कॉरपोरेट्स) श्यामल आचार्य ने बताय कि लोन की रिकवरी का फैसला बैंकरों और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद लिया गया है। बैठक में एसबीआई के नेतृत्व में पांच बैंकों के प्रतिनिधियों ने किंगफिशर के मुख्य वित्तीय अधिकारी रवि नेडुंगडी के साथ इस मामले पर विस्तृत चर्चा की।
बैंकों द्वारा लोन की रिकवरी का यह फैसला किंगफिशर के मुखिया विजय माल्या द्वारा एयरलाइन के कर्मचारियों को 11 माह का बकाया वेतन देने और गर्मी के सीजन में उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू करने के वादे के बावजूद लिया गया है। बैंकरों का कहना है कि किंगफिशर ने समस्या के समाधान के लिए बैंकों की ओर से ली गई मोहतल की अवधि में इस दिशा में कोई भी काम नहीं किया, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है।