बिजली, टेलीफोन, मोबाइल या कोई अन्य बिल भरने में समयाभाव के कारण सबको दिक्कत होती है। बच्चों की स्कूल फीस भरने की फुर्सत नहीं है तो टेंशन मत लीजिए। बस एक सहमति पत्र अपने बैंक को दीजिए और हर माह बिल आते ही बैंक खुद-ब-खुद आपका यह जरूरी कार्य कर देगा। यह सब कुछ संभव होगा भारतीय रिजर्व बैंक की आरईसीएस सुविधा के तहत।
भारतीय रिजर्व बैंक के राष्ट्रीय समाशोधन कक्ष (एनसीसी) के उप नियंत्रक रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देश की विभिन्न बैंकों का चेक क्लीयरेंस का कार्य आरबीआई के पास ही है। आरबीआई ने एनसीसी स्थापित करके रीजनल इलेक्ट्रानिक क्लीयरेंस सिस्टम (आरईसीएस) को यूपी और उत्तराखंड में भी मुहैया कराई है।
साफ्टवेयर एक अप्रैल से कार्य करना शुरू करेगा। जिसमें उपभोक्ता को बैंक को सहमति पत्र देना होगा। उसके बाद चाहे तो उपभोक्ता संस्थाएं जैसे बीएसएनएल, रिलायंस आदि मोबाइल कंपनियां, विद्युत विभाग, स्कूल, कालेज आदि संस्थाएं सीधे बैंक को संबंधित उपभोक्ता का बिल भेजें या फिर उपभोक्ता अपना बिल स्कैन कराकर बैंक को ई-मेल कर दे, तो बैंक उपभोक्ता के खाते से संबंधित उपभोक्ता संस्था को भुगतान कर देगा।
यानी आम उपभोक्ता झंझट से बच जाएगा, उसका समय भी बचेगा। इसके अलावा यदि उपभोक्ता संस्थाएं अपने कई कर्मचारियों को अलग अलग मानदेय या वेतन आदि को भुगतान चेक आदि से करती हैं तो वह भी प्रयोक्ता बैंक को एक मुश्त धनराशि दे सकती है। उसकी लिस्ट के मुताबिक संबंधित उपभोक्ताओं के खाते में बैंक स्वयं की धनराशि भेज देगा।
सिर्फ दो घंटे में होगा चेक क्लीयरेंस
भारतीय रिजर्व बैंक अपने राष्ट्रीय समाशोधन केंद्र (एनसीसी) के माध्यमों से अब देश के किसी भी बैंक या स्थान के चेक को मात्र दो घंटे से अगले दिन तक प्रत्येक दशा में क्लीयरेंस देकर खाते में धनराशि पहुंचा देगा।
आरबीआई की एनसीसी कानपुर के उप नियंत्रक रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में बैंक शाखाओं को देश के अलग-अलग भागों में स्थिति विभिन्न बैंक शाखाओं के चेक मिलते हैं। ड्राप बाक्स में भी डाले जाते हैं, लेकिन उनके क्लीयरेंस में एक सप्ताह से लेकर महीनों तक का समय लग जाता है। उपभोक्ता को कई बार बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अब आरबीआई की स्पीड क्लीयरेंस सिस्टम के तहत भुगतान और निपटान अधिनियम-2007 के तहत चेक देने के अगले दो घंटे में, अधिकतम अगले दिवस तक प्रत्येक दशा में चेक क्लीयरेंस देकर खाते में धनराशि उपलब्ध करा देगा। चेक टंकेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। जिसके तहत चेक की इमेज को स्कैन करके उसी दिन ग्राहकों के खाते में चेक की धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
इलेक्ट्रानिक मोड ऑफ पेमेंट
एनसीसी के माध्यम से सिर्फ दो घंटे में पांच रुपये का शुल्क लेकर देश के किसी भी स्थान पर संचालित खाते में धनराशि ट्रांसफर की जा सकेगी।
देशीय धन अंतरण सुविधा
जिन लोगों का बैंक खाता नहीं है। वह भी अपने परिजनों/मित्रों को पांच रुपये के शुल्क देकर 50,000 रुपये तक की धनराशि देश के किसी भी केंद्र पर उनके खातों पर भेज सकते हैं।