वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वित्तीय समावेशन कार्यक्रम में तेजी लाने और लाभार्थियों को सीधे सब्सिडी पहुंचाने के लिए अहम कदम उठाने को कहा है। इसके तहत, मंत्रालय बैंकों से पूरे देश में सीधे सब्सिडी पहुंचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जल्द बनाने पर जोर दे रहा है।
केंद्र सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के ऐसे लोगों को सब्सिडी नकद रूप में पहुंचाना चाहती है, जो इसके पात्र हैं। इसी के तहत जनवरी से देश के 43 जिलों में सब्सिडी सीधे देने की शुरुआत की गई थी। हालांकि, अभी सरकार पूरी तरह से कदम नहीं बढ़ा पाई है। अभी इसमें खाद, केरोसिन, एलपीजी, अनाज के तहत मिलने वाली योजनाओं को शामिल करना है। सरकार इस योजना को देश के 604 जिलों में साल 2014 के आम चुनाव के पहले लागू करना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को नए फाइनेंशियल सर्विसेज सचिव ने इसी के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों से बात की है। जिसमें पूरे देश में बैंक खातों के जरिए सब्सिडी पहुंचाने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने और वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा करने पर अहम जोर दिया गया है।
बैंक इस समय 1,600 से लेकर 2,000 तक की आबादी वाले गांवों में वित्तीय समावेशन के तहत लोगों के नो फ्रिल खाते खोल रहे हैं। इसके तहत करीब 45 हजार गांवों को जोड़ा जाएगा। इसके पहले बैंक दो हजार से ज्यादा की आबादी वाले करीब 74 हजार गांवों को वित्तीय समावेशन के तहत जोड़ चुके हैं। इसके अलावा, बैठक में आधार कार्ड के जरिए बैंकों के खातों के जोड़ने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई है।