अंसल प्रॉपर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी उजागर हुई है। कंपनी ने आस्था अपार्टमेंट में फ्लैट देने के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
कंपनी के पास अपार्टमेंट बनाने के लिए जमीन तक नहीं थी और उसने दर्जनों फ्लैट्स की बुकिंग कर डाली। इतना ही नहीं ढाई साल में फ्लैट मुहैया कराने का वादा भी किया था।
साढ़े तीन साल बाद भी अपार्टमेंट का निर्माण शुरू न होने पर निवेशकों ने रकम का तगादा किया तो कंपनी ने टालमटोल शुरू कर दिया।
पुलिस से शिकायत
ठगी का शिकार बने आयकर कर्मी समेत 14 लोगों ने एसएसपी से शिकायत की। मामले की जांच के बाद हजरतगंज पुलिस को एफआईआर के आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने बताया कि अंसल प्रॉपर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सुल्तानपुर रोड पर विकसित किए जा रहे हाईटेक टाउनशिप में आस्था अपार्टमेंट की लुभावनी योजना का प्रचार किया।
इसमें सैकड़ों लोगों ने फ्लैट की बुकिंग के लिए आवेदन किए। कंपनी ने अगस्त 2009 में बुकिंग शुरू की और मार्च 2012 में आवंटियों को फ्लैट हस्तांतरित करने का वादा किया।
जमीन को लेकर विवाद
निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी आस्था अपार्टमेंट में काम शुरू न होने पर निवेशकों ने कंपनी के दफ्तर में पूछताछ शुरू की।
कंपनी के चेयरमैन सुशील अंसल, वाइस चेयरमैन निर्मला सक्सेना, कार्यकारी निदेशक पीएन मिश्रा, कंपनी के प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता संजय कुमार वलियासी समेत अन्य अधिकारियों ने जमीन को लेकर कुछ विवाद बताया।
इसके बाद टालमटोल करने लगे। संदेह होने पर निवेशकों ने जनसूचना अधिकार के तहत एलडीए से जानकारी ली।