अमेरिका में शटडाउन का असर साइबर सिटी के कारोबार पर भी पड़ेगा। यहां का गारमेंट एक्सपोर्ट, आईटी बीपीओ सेक्टर सीधे तौर पर प्रभावित होगा। कंपनियों को पहले के मुकाबले कम ऑर्डर मिलेंगे।
यूरोपीय देशों में होने वाली हरेक उठापटक से साइबर सिटी सीधे तौर पर प्रभावित होती है। वहां की हलचल का असर यहां पड़ता है। अगले तीन माह तक यह असर बने रहने से कारोबार चौपट हो सकता है।
इसमें सबसे अधिक प्रभाव आईटी बीपीओ सेक्टर पर पड़ेगा। यह सेक्टर अमेरिका सहित अन्य यूरोपीय देशों के लिए आउटसोर्सिंग की सेवाएं उपलब्ध कराता है।
गारमेंट एक्सपोर्ट पर होगा असरइसमें यहां करीब 450 से अधिक आईटी बीपीओ कंपनियां काम कर रही हैं। गुड़गांव में करीब चार से अधिक गारमेंट कंपनियां भी हैं। इसमें कपड़े तैयार किए जाते हैं। ये कंपनियां अधिकतर गारमेंट एक्सपोर्ट करती हैं।
अमेरिका की मंदी के बाद यहां ऑर्डर नहीं आएंगे। लोगों की खरीद की क्षमता कम हो जाएगी। यह शटडाउन लंबा चला तो आगामी वित्त वर्ष पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
गुड़गांव का औद्योगिक जगत इस शट डाउन को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि इस शट डाउन से भारतीय रुपये में मजबूती आएगी। रुपया एक स्तर पर थम जाएगा।
इसका अधिक लंबा चौड़ा असर नहीं होगा। यह शट डाउन वहां की सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए किया है। निजी सेक्टर से ऑर्डर मिलने का अनुमान है।
- एसके आहूजा, महासचिव, गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
आईटी बीपीओ सेक्टर पर इसका असर जरूर होगा। वहां की गतिविधियां यहां भी अपना प्रभाव छोड़ती हैं। ऑर्डर नहीं आएंगे तो यहां कारोबार कैसे होगा।
- प्रदीप यादव, संचालक, आईटी बीपीओ इनबिल्ट एसोसिएशन