देश की सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया 65 साल पहले दिल्ली से लंदन के लिए शुरू की गई पहली फ्लाइट की तर्ज पर इतिहास दोहराने की कोशिश कर रही है।
8 जून 1948 के ठीक 65 साल बाद एयर इंडिया द्वारा बेहतर तकनीक और सुविधाओं वाले नए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान की दिल्ली से लंदन की फ्लाइट को उसी तरह पेश किया गया।
इसकी शुरुआत को कंपनी ने एक बड़ी लांचिंग के रूप में पेश किया, जिसका स्वागत हीथ्रो एयरपोर्ट पर वाटरकैनन के जरिये किया गया।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह इस फ्लाइट में थे और उनका मानना है कि इस उड़ान के साथ एयर इंडिया के लिए नए रास्ते खुल गए हैं और यह इसके लिए गेम चेंजर साबित होगा।
ड्रीमलाइनर की दिल्ली लंदन उड़ान और भारतीय उड्डयन क्षेत्र में आ रहे बदलावों को यहां के कारोबारी और टूरिज्म जगत के लोगों के साथ साझा करने के लिए शाम को यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजित सिंह ने कहा कि भारत सरकार एविएशन क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके लिए जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं द्विपक्षीय समझौते किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एविएशन क्षेत्र देश के तेज आर्थिक विकास के लिए बहुत ही अहम है। यही वजह है कि सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।
एयर इंडिया के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कंपनी के संदर्भ में लिए गए फैसलों का ही नतीजा है कि इसके राजस्व में बढ़ोतरी होने के साथ ही लोड फैक्टर में लगातार तेजी से सुधार हुआ है और एक बार फिर एयर इंडिया का महाराजा ब्रांड अपने पुराने गौरव में लौट आएगा क्योंकि महाराजा दुनिया भर में भारत के ब्रांड एंबेसेडर की तरह है। चालू साल में एयर इंडिया 19,393 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 20.1 फीसदी अधिक है।
ड्रीमलाइनर पर उनका कहना था कि इसकी बेहतर सुविधाओं और तकनीक के चलते यह यात्रियों के लिए काफी आरामदायक है और इसमें सुरक्षा की आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ईंधन की कम खपत के चलते यह मुनाफे का सौदा साबित होगा।
एयर इंडिया के अधिकारियों ने अमर उजाला को बताया कि इस समय कंपनी के सभी छह ड्रीमलाइनर सर्विस में हैं। इसके अलावा आठ ड्रीमलाइनर साल के अंत तक मिल जाएंगे। दिल्ली लंदन के अलावा कंपनी दुबई, फ्रैंकफर्ट और पेरिस के लिए ड्रीमलाइनर की सेवा इसी माह शुरू कर देगी।
वहीं बर्मिंघम, रोम, मिलान और सिडनी-मेलबर्न के लिए सर्दियों में सेवा शुरू कर दी जाएगी, जबकि मास्को के लिए अगले साल के शुरू में ड्रीमलाइनर सेवा शुरू कर दी जाएगी। एयर इंडिया का कहना है कि यूरोप के सेक्टर में उनके पास ही ड्रीमलाइनर है ऐसे में प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उसे फायदा होगा।