करीब चार महीने बाद एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान ने पहली उड़ान भरी। सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बुधवार को 156 यात्रियों और क्रूमेंबर को लेकर दिल्ली से बंगलूरू पहुंचा। इसने एक अन्य उड़ान दोपहर में कोलकाता के लिए भरी।
एयर इंडिया के सीएमडी रोहित नंदन ने कहा कि ड्रीमलाइनर विमानों का एयरइंडिया बेहतर इस्तेमाल करेगी। लंबी दूरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विमान बी-777 को हटा कर उनकी जगह ड्रीमलाइनर का इस्तेमाल होगा।
ड्रीमलाइनर एयरइंडिया के लिए गेमचेंजर का काम करेगा और इससे कंपनी की आय बढ़ेगी। बी-777 को बेचा जा सकता है या फिर इन्हें लीज पर दिया जा सकता है, इस बारे में व्यावसायिक निर्णय की अधिक जानकारी देने से उन्होंने मना कर दिया।
इसकी अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सेवा 22 मई से शुरू होगी। गौरतलब है कि बोइंग की टीम द्वारा एयर इंडिया के एक ड्रीमलाइनर में सुधार किए जाने के बाद कंपनी को 8 मई को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था।
बोइंग की टीम भारत में है और वह अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा अनुमोदित एक नई बैटरी प्रणाली विमानों में लगा रही है। इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने जानकारी दी थी कि 787 ड्रीमलाइनर समूह के छह विमानों में से दो का सुधार कर लिया गया है और सभी संचालन मानक पूरे कर लिए गए हैं।
सिंह के मुताबिक बाकी विमानों का संचालन इस माह के आखिर तक शुरू होगा और बोइंग से आठ अतिरिक्त 787 विमानों की आपूर्ति साल के आखिर तक होगी। इससे कंपनी अपने छह बी 787 विमानों का संचालन दिल्ली से बंगलूरू, चेन्नई, दुबई, पेरिस और फ्रैंकफुर्त के लिए करती थी, लेकिन दूसरी कंपनियों में इस तरह के विमानों में बैटरी के अधिक गर्म हो जाने की समस्या आने के बाद डीजीसीए के आदेश से कंपनी ने इन विमानों का संचालन 17 जनवरी से बंद कर दिया था।