वैकल्पिक निवेश फंडों (एआईएफ) की आमदनी पर 30 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से जारी एक सर्कुलर के मुताबिक जहां एआईएफ ट्रस्ट डीड में या तो निवेशकों का नाम नहीं है या लाभकारी हितों का उल्लेख नहीं है, वहां फंड की पूरी आमदनी पर आयकर की अधिकतम दर से टैक्स देयता होगी।
फिलहाल आयकर की विभिन्न दरें हैं, जो 30 फीसदी तक हैं। कुल टैक्स देयता में एजूकेशन सेस और सरचार्ज भी शामिल होगा। सर्कुलर के मुताबिक एकबार करदाता के प्रतिनिधियों द्वारा कर का भुगतान किए जाने के बाद निवेशकों पर किसी भी तरह की कर देनदारी नहीं होगी।
एआईएफ मूलत: एक ऐसा फंड है, जिसका गठन पूर्व निर्धारित नीतियों के तहत निवेश के लिए भारतीय और विदेशी निवेशकों से पूंजी जुटाने के उद्देश्य किया गया है।