योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शनिवार को आधार कार्ड की वास्तविक अहमियत स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आधार एक नंबर है, जो आपका बायोमीट्रिक रिकॉर्ड रखता है, इसे पहचान पत्र के तौर पर न देखा जाए।
कुछ कैबिनेट मंत्रियों ने कथित रूप से यह मुद्दा उठाया था कि आधार की मान्यता एक नंबर के तौर पर हो या पहचान पत्र के तौर पर। केंद्र सरकार ने हाल ही में मंत्रियों के समूह को इस मुद्दे के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी थी।
अहलूवालिया ने कहा कि मैं कार्ड को फाड़ सकता हूं। जब तक मेरे पास आधार नंबर है, मुझे कार्ड की जरूरत नहीं है। वास्तव में आधार कार्ड जैसी कोई चीज नहीं है, यह एक नंबर है।