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खूब हो रही है इंटरनेट पर चोरी, जानिए कैसे?

Thu, 08 May 2014 08:44 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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इंटरनेट के जरिए लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां (डेटा) चोरी करने की घटनाओं में बीती तिमाही के दौरान 233 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी देखने को मिली है। ग्लोबल फर्म नेट सेफ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान डाटा चोरी किए जाने के करीब 20 करोड़ मामलों को साइबर अपराधियों ने अंजाम दिया है।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि बीती तिमाही के दौरान डाटा चोरी का औसत 93 हजार प्रति घंटे रहा। इसके विपरीतकेवल 254 मामलों में ही डेटा चोरी की कोशिशों को नाकाम किया जा सका। इस तरह महज एक फीसदी लोग ही सुरक्षात्मक उपायों के जरिए अपने डेटा को साइबर अपराधियों के हाथों में जाने से बचा पाए। रिपोर्ट के मुताबिक डाटा चोरी के मामलों में ऐसी कंपनियों से जुड़ी डेटा चोरियों को शामिल नहीं किया गया है, जिन्होंने अपने डेटा रेकॉर्ड की संख्या संबंधी विवरण साझा नहीं किए हैं। ऐसे मामलों को भी अगर मिला लिया जाए, तो डेटा चोरियों का आंकड़ा कहीं अधिक हो जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक डेटा चोरी की सबसे ज्यादा मार दक्षिण कोरिया पर पड़ी है, जहां ऐसे 15.8 करोड़ मामले देखने को मिले। यहां डेटा चोरी की घटनाओं में बीती तिमाही में 79 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। डेटा चोरी की सबसे ज्यादा घटनाएं दक्षिण कोरिया में होने के बावजूद पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बात करें, तो पूरी दुनिया में हुई डेटा चोरी में इस क्षेत्र में महज 7 फीसदी ही चोरियां हुईं। दुनिया में सबसे ज्यादा 78 फीसदी डेटा चोरियां उत्तरी अमेरिका में हुईं, जबकि यूरोप में यह अनुपात 13 फीसदी के स्तर पर रहा।
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विभिन्न सेक्टरों में हुई डेटा चोरी के मामलों को देखा जाए, तो वित्तीय क्षेत्र पर इसकी सबसे तगड़ी मार पड़ी है। इस सेक्टर के करीब 56 फीसदी डेटा हैकरों द्वारा चुराए गए हैं। डेटा चोरी की कुल घटनाओं में इसकी हिस्सेदारी करीब 14 फीसदी की रही।

हेल्थकेयर क्षेत्र से जुडे डेटा पर भी साइबर अपराधियों ने अच्छी खासी सेंध लगाई है। इस क्षेत्र के करीब 24 फीसदी डेटा चुरा लिए गए, जबकि कुल डेटा चोरी में इसका अनुपात करीब 9 फीसदी का रहा। टेक्नॉलजी सेक्टर से चोरी हुए डेटा का अनुपात कुल डेटा चोरी में करीब 20 फीसदी का रहा। सबसे कम डेटा चोरी की घटनाएं रीटेल सेक्टर में महज एक फीसदी हुईं।
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