वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट के संकेतों पर चिंता जताई है। अपने गृह जिले वीरभूम में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार रिजर्व बैंक के गवर्नर के साथ विचार-विमर्श कर बाजार की स्थिति में सुधार हेतु सोमवार को कुछ उपायों की घोषणा करेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे 24 जून को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे। उल्लेखनीय है कि प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए की ओर से घोषित प्रत्याशी हैं।
'महंगाई को लेकर चितित हूं हताश नहीं'
वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक मामलों के विभाग ने रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव से विभिन्न उपायों के संबंध में विचार विमर्श किया है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे कुछ कदमों की घोषणा सोमवार को करेंगे जिनसे बाजार में सुधार आएगा। जीडीपी गिरकर 6.5 प्रतिशत पर आ गया है। महंगाई का दबाव है और रुपया कमजोर हो रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आने के संकतों को लेकर कोई संदेह नहीं है। मैं इसे लेकर चिंतित हूं, लेकिन हताश नहीं।
मजबूत है भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि विश्व में उठा पटक जारी है तो भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था इससे अछूती नहीं रह सकती। वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने जनवरी से जून 2012 के दौरान देश में 8 अरब डॉलर का निवेश किया। पिछले साल इसी अवधि में एफआईआई प्रवाह नकारात्मक था। मुखर्जी ने कहा कि इस साल 46 से 48 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ है।