सामाजिक-आर्थिक मोर्चे पर कई तरह की उपलब्धियां हासिल करने के बाद देश के उद्योग जगत में भी महिलाओं के लिए सुनहरा भविष्य दिखाई देने लगा है। ग्लोबल स्तर पर किए गए एक सर्वे में महिलाओं द्वार नया उद्यम शुरू करने के लिए भारत एक बेहतर देश बनकर उभरा है। कारोबारी भरोसे, कारोबार को आगे बढ़ाने की प्रेरणा, वित्तीय विकल्पों और अन्य संसाधनों के लिहाज से भारत के माहौल को महिला उद्यमियों के लिए काफी बेहतर माना गया है।
अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और भारत में ‘डेल वुमेन एंटरप्रेन्योर स्टडी’ के तहत किए गए अध्ययन में पाया गया कि भारत में महिलाओं के लिए नया उद्योग शुरू करने के लिहाज से माहौल काफी बेहतर है। सर्वेक्षण के तहत 450 महिला उद्यमियों से बातचीत की गई। इनमें करीब 71 फीसदी का मानना था कि भारत में महिला उद्यमी काफी बेहतर ढंग से अपने कारोबार की ब्रांडिंग कर रही हैं।
इसके अलावा हर 10 में से 8 महिला उद्यमी अच्छी तादाद में कर्मचारियों की भर्तियां भी कर रही हैं, जोकि उनके कारोबार के अच्छे ढंग से चलने के साथ-साथ महिला उद्यमियों द्वारा रोजगार में योगदान का भी संकेत देता है। सर्वे में महिला उद्यमियों को उत्साहित करने वाला यह तथ्य भी सामने आया है कि पिछले पांच सालों के दौरान भारत में करीब 90 फीसदी महिला उद्यमियों ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है, जबकि यूके में यह अनुपात महज 24 फीसदी और अमेरिका में 50 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
फिक्की की ओर से सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी का खिताब पाने वाली मेस्को स्टील ग्रुप मुखिया रीता सिंह महिलाओं के लिए देश में कारोबार के बेहतर अवसरों की तस्दीक करते हुए कहती हैं कि जब मैंने अपने की शुरुआत की थी, उस समय मुझे इतना भी नहीं पता था कि लोन लेने के लिए बिजनेस प्रपोजल कैसे तैयार किया जाता है, लेकिन इस सबके बावजूद मैंने कारोबार शुरू किया और आज इस मुकाम तक पहुंचने में कामयाब हुई हूं।
शॉपिंग पोर्टल 99 लेबल्स चलाने वाली एक अन्य महिला उद्यमी इशिता स्वरूप कहती हैं कि महिलाएं अब और भी प्रयोगधर्मी हो गई हैं और धीरे-धीरे उन्होंने जोखिम उठाने की अपनी क्षमता को काफी बढ़ाया है। अकसर ऐसी कई महिलाओं से मेरी मुलाकात होती है, जो अपना कारोबार शुरू करना चाहती हैं, पर कई वजहों से हिचकती हैं। उनको मैं यही सलाह देती हूं कि वह अपनी कारोबारी योजना तैयार करें और बाजार में कूद पड़ें। योजना ठोस है, तो बाकी की मुश्किलें खुद आसान होती चली जाएंगी।