इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रहा भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार मेले के 35वें संस्करण का सोमवार को समापन हो गया। आयोजकों के मुताबिक मेले के दौरान 4,210 विदेशी खरीदारों ने शिरकत की, जिनसे करीब 735 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिलने का अनुमान है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि मेले से पहले पांच हजार विदेशी खरीदारों के शिरकत करने की उम्मीद थी लेकिन चार दिवसीय मेले में कुल 4,210 हजार विदेशी खरीदारों और बाइंग एजेंट्स ने शिरकत कर उत्पाद पसंद किए और ऑर्डर दिए। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में 2012-13 वित्तीय वर्ष के प्रथम दस माह में हस्तशिल्प निर्यात ने 39.64 फीसदी की बढ़त दर्ज की।
इस दौरान 12,556.45 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया, जो गत वर्ष के मुकाबले 3,564.33 करोड़ रुपये ज्यादा है। जबकि इस वित्तीय वर्ष के अनुमानित निर्यात 15,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी मार्च तक हासिल कर लेने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि हर बार परिषद के कठिन प्रयासों के चलते नए देश मेले से जुड़ते जा रहे हैं।
निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से परंपरागत देशों में व्यापार बढ़ाने के साथ ही नए खरीदार देशों को जोड़ने की कवायद जारी रहेगी। मेले में इस बार 900 स्थाई मार्ट समेत 2443 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। इसमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 558, नई दिल्ली व उत्तर भारत से 516, राजस्थान से 356, पश्चिम से 53, पूर्व से 38 और दक्षिण भारत से 22 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया।