आगामी वित्त वर्ष 2013-14 में देश के आर्थिक विकास दर (जीडीपी) में सुधार हो सकता है। इस दौरान जीडीपी 7.5 फीसदी तक दर्ज होने की संभावना है। उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई के एक सर्वे में एक तिहाई उद्यमियों ने यह अनुमान लगाया है।
सर्वे में शामिल 277 उद्यमियों में से 34 फीसदी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में जीडीपी छह से 7.5 फीसदी के बीच रह सकती है। 75 फीसदी उद्यमियों का मानना है कि नए वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र का विकास चार फीसदी तक हो सकता है लेकिन औद्योगिक क्षेत्र की विकास दर छह फीसदी से नीचे रहने की संभावना है। इस दौरान महंगाई बढ़ने का अनुमान भी है।
माना जा रहा है कि मुद्रास्फीति दर सात से 10 फीसदी के बीच रह सकती है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि विकसित देशों की आर्थिक मंदी का असर देश की अर्थव्यवस्था पर आगे भी देखने को मिल सकता है। महत्वपूर्ण यह है कि निवेश के लिए पूरी तरह सकारात्मक माहौल नहीं बनने के कारण व्यवसायिक माहौल खराब रहने का अनुमान जाहिर किया जा रहा है।