देश में सौर ऊर्जा से अगले दस साल में 6.7 लाख नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही बिजली उत्पादन की क्षमता इस अवधि में 145 गीगावाट (एक गीगावाट=1,000 मेगावाट) तक बढ़ सकती है।
ब्रिज टू इंडिया और टाटा पावर सोलर की एक साझा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। ब्रिज टू इंडिया के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. टोबियास एंजेलमीयर का कहना है कि अलग-अलग प्रणालियों के जरिए भारत में सौर ऊर्जा की वास्तविक उत्पादन क्षमता 110 गीगावाट से 145 गीगावाट के बीच है।
मुख्यत: चार तरह की सौर ऊर्जा प्रणालियों से अगले 10 साल में भारत में 6,75,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। लेकिन, असल मुद्दा भारत के लिए उपयुक्त सौर ऊर्जा प्रणाली का चयन करना है।
रिपोर्ट में सौर ऊर्जा उत्पादन के चार अलग-अलग परिदृश्यों की तुलना की गई है। इसमें आवासीय रूफटॉप, लॉर्ज रूफटाप, यूटिलिटी स्केल प्रोजेक्ट और अल्ट्रामेगा प्रोजेक्ट शामिल हैं।