वाणिज्य कर विभाग के 300 बाबुओं के लिए नया साल खुशियां लेकर आ रहा है। जनवरी में ये बाबू ‘साहब’ बन जाएंगे। लोक सेवा आयोग ने इन्हें वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर प्रमोशन देने की हरी झंडी देने के साथ विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक की तारीख तय कर दी है। हालांकि उन बाबुओं को अफसोस है, जो बिना ‘साहब’ बने दिसंबर में रिटायर हो रहे हैं। दरअसल, ये प्रमोशन जुलाई में होने थे पर आयोग एवं आयुक्त के बीच सवाल-जवाब में मामला लटका रहा।
विभाग में वाणिज्य कर अधिकारी के 67 फीसदी पद लोक सेवा आयोग और 33 फीसदी पदों को लिपिक संवर्ग के कर्मियों के प्रमोशन से भरा जाता है। इसके आधार पर आयोग ने 300 लिपिक संवर्ग के कर्मियों का प्रमोशन करने के लिए सात जनवरी 2013 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक इलाहाबाद में आयोजित की है।
आयोग के उपसचिव रिजवानुल रहमान ने इसकी सूचना वाणिज्य कर आयुक्त हिमांशु कुमार एवं यूपी कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री भूपेश अवस्थी को दे दी है। उम्मीद है कि आयोग प्रमोशन का चयन आदेश आठ जनवरी 2013 को जारी कर देगा। इसके बाद आयुक्त प्रमोशन पाने वाले लिपिकों की वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर तैनाती देंगे।
प्रमोशन के बगैर रिटायर हो जाएंगे
यूपी कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री अवस्थी ने बताया कि वाणिज्य कर आयुक्त ने लिपिक संवर्ग के कर्मियों के प्रमोशन के लिए जुलाई में लोक सेवा आयोग को ब्योरा भेज दिया था। लेकिन आयोग की आपत्तियों को दूर करने में विभाग को करीब चार महीने लग गए। इसके कारण अगस्त से नवंबर तक कई ऐसे लिपिक रिटायर हो गए, जिन्हें वाणिज्य कर अधिकारी का प्रमोशन मिलना था। इसी प्रकार लखनऊ समेत प्रदेश भर में 20 से 25 लिपिक प्रमोशन के बगैर ही रिटायर हो जाएंगे।
वाणिज्य कर विभाग के लिपिकीय संवर्ग के 300 कर्मियों को विभागीय कोटे के तहत वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर प्रमोशन के लिए सात जनवरी को डीपीसी की बैठक बुलाई गई है। पदोन्नति की प्रक्रिया एक दिन में पूरी नहीं हुई तो आठ जनवरी को आदेश जारी होंगे।
- रिजवानुल रहमान, उपसचिव लोक सेवा आयोग इलाहाबाद