सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को विदेशी बाजारों से बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिए सस्ता कर्ज उठाने की अनुमति दे दी है। इससे 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में सफल कंपनियों को आसानी से भुगतान करने की सुविधा होगी। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, 2जी नीलामी में सफल बोलीदाता को भुगतान के लिए घरेलू कर्जदाता से लिए कर्ज को रिफाइनेंस कराने की अनुमति होगी। वह ऑटोमेटिक रूट के तहत लंबी अवधि के ईसीबी के जरिए कर्ज जुटा सकेंगे। स्पेक्ट्रम की नीलामी 12 नवंबर से शुरू होनी तय है।
बैंकों द्वारा टेलीकॉम सेक्टर को उधारी देने में रुचि नहीं दिखाए जाने के चलते टेलीकॉम कंपनियां ईसीबी नियमों में ढील दिए जाने की मांग कर रही थीं। टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए सरकार ने जनवरी 2010 में 2जी नीलामी से सफल बोलीदाताओं को भुगतान के लिए 12 महीने में घरेलू बैंकों से रुपये में लोन लेने और उसे लंबी अवधि के ईसीबी में री-फाइनेंस कराने की अनुमति दी थी।
अधिकारी के मुताबिक, निश्चित समय में सीधे सरकार को एक बड़ी रकम का भुगतान के लिए फंड की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगामी 2जी नीलामी के लिए यह ढील दी गई है।